Friday, 17 May 2013
The greatest crime of Islam : Destruction of NALANDA
The greatest Crime islam commited in its whole history was the
destruction of Nalanda the world's first university the seat of learning
and wisdom , the birthplace of Wisdom and Philosophy the womb of
Buddhism the fruit of culture and progressive thought and the pride of
mankind east or west. Where great souls like buddha Mahavira Kautilya
and Paninni stayed and taught . Founded between 550 and 600 BC and
imparted knowledge to thousands of students till AD 1193 ,where courses were drawn from every field of learning secular and sacred
, native and foreign Science Mathematics, Metallurgy, Medicine,
Astronomy , Philosophy, Logic, Physics , Anatomy , Yog shastras , Vedas
Scriptures and even philosphies from abroad and across the seas which
attracted pupils and scholars from Greece , Korea Japan , China Tibet
Indonesia Persia and Turkey ...an architectural masterpeice accomodation
over 10,000 students and 2000 teachers
Its a bloody History spanning 1400 years and it continues as Hindu sheep are sleeping , unaware that they are lined up to be halaled in the nameof ONE totalitarian cult !
Because as they were growing up they were told that all religions are the same and they never questioned it , while their so called bretherin growing up were told that there is only one God "ALLAHA" and those who do not believe in him are non believers and deserve death .
Now the sheep live peacefuly along wiht the wolves totaly unaware of the danger .....
Because as they were growing up they were told that all religions are the same and they never questioned it , while their so called bretherin growing up were told that there is only one God "ALLAHA" and those who do not believe in him are non believers and deserve death .
Now the sheep live peacefuly along wiht the wolves totaly unaware of the danger .....
देखे भारत के टूकरे करके मुगलिस्तान बनाने के लिए बंगलादेशी घुसपैठ का षड़यंत्र
बांग्लादेश और
बांग्लादेशियों
का बढ़ता इस्लामिक जिहाद,
बांग्लादेश की सरकार में
अब बैठे हैं
मुस्लिम कट्टरपंथ। साथ ही बांग्लादेश की
ज्यादातर आबादी जिहाद को
जायज मानती है
और उनमें कट्टरपन उफान
पर है। 58% बांग्लादेशी मानव
बम्ब को इस्लाम
के लिए सही
मानते हैं। हिन्दुओं का
आयेदिन शोषण होता
है। 1998 में बांग्लादेशी आतंकवादियों ने
पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिल
के हिन्दुओ भारत
पर जिहाद करने
का एग्रीमेंट किया।
प्लान है नार्थ - ईस्ट इंडिया को इंडिया से अलग करना और एक "ग्रीन - कॉरिडोर" बनाना जो नार्थ ईस्ट - असाम - बंगाल - बिहार - यू पी होता हुआ पाकिस्तान को जायेगा और बांग्लादेश को पाकिस्तान से मिलाएगा। इसी षड़यंत्र के तहत 6,000 बांग्लादेशी रोज भारत में घुसपैठ करके इंडिया में दाखिल होते हैं।
यह बांग्लादेशी इंडिया में दाखिल होते हे वो हिन्दूवो के मवेशियों को मारते हैं। फिर उनके घरो और औरतों पर हमला करते हैं और फिर उनके खेत हड़पने लगते हैं। मजबूरन हिन्दुओं को अपने खेत बेच के वहां से जाना पड़ता है। हिन्दुस्तानियों के जीविका पर इनका कब्ज़ा होता जा रहा है। मेडिकल चकित्सा इन लोगों पे जाया हो रही है। हर साल यह लोग 15,000 करोड़ रूपए वापिस बांग्लादेश भेजते है।
क्यूंकि अब यह लोग कई छेत्रो में 70% से भी ज्यादा है और एक साथ किसी इक खास पार्टी के लिए वोट करते हैं इसलिए उस पार्टी के नेता इन्हें संरक्षण देते हैं और इन्हें वोटर ID बनवाके देते हैं। एक बंगादेशी से बात करने पर पता चला की उन्हें वोटर ID देश की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार दिलवा रही है। जहाँ इनकी आबादी ज्यादा हो जाती हैं वहां यह मुस्लिम आतंकवादियों को पनाह देते हैं। इंडिया में बम विस्फोट करने वालों को मदद देते हैं, हिन्दु विरोधी दंगे करते हैं, गुनाह कर के यह लोग वापिस बंगलादेसह भाग जाते हैं , यह बांग्लादेशी हे भारत के मओवादियो को मदद करते हैं। इनकी मदद से रोज 20,000 गाय बांग्लादेश काटने के लिए भेजी जाती हैं।
चिकन नैक एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा है जो भारत को नार्थ ईस्ट से जोरता है। बांग्लादेश से भेजे जा रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये जो अब असम और वेस्ट बंगाल में बस गए हैं, जिस दिन वोह इस चिकन नैक को भारत से तोर देंगे, नार्थ ईस्ट से हमरा संपर्क टूट जायेगा और एक भी हिन्दू का वहां से इंडिया आना नामुनकिन हो जायेगा। 3000 बांग्लादेशी आतंकवादियों का स्लीपर सेल अभी भारत मैं है, जब 11 आतंकवादी 9/11 जैसे घटना कर सकते हैं तो 3000 कितना नुक्सान पहुंचाएंगे यह सोचना भयंकर है।
प्लान है नार्थ - ईस्ट इंडिया को इंडिया से अलग करना और एक "ग्रीन - कॉरिडोर" बनाना जो नार्थ ईस्ट - असाम - बंगाल - बिहार - यू पी होता हुआ पाकिस्तान को जायेगा और बांग्लादेश को पाकिस्तान से मिलाएगा। इसी षड़यंत्र के तहत 6,000 बांग्लादेशी रोज भारत में घुसपैठ करके इंडिया में दाखिल होते हैं।
यह बांग्लादेशी इंडिया में दाखिल होते हे वो हिन्दूवो के मवेशियों को मारते हैं। फिर उनके घरो और औरतों पर हमला करते हैं और फिर उनके खेत हड़पने लगते हैं। मजबूरन हिन्दुओं को अपने खेत बेच के वहां से जाना पड़ता है। हिन्दुस्तानियों के जीविका पर इनका कब्ज़ा होता जा रहा है। मेडिकल चकित्सा इन लोगों पे जाया हो रही है। हर साल यह लोग 15,000 करोड़ रूपए वापिस बांग्लादेश भेजते है।
क्यूंकि अब यह लोग कई छेत्रो में 70% से भी ज्यादा है और एक साथ किसी इक खास पार्टी के लिए वोट करते हैं इसलिए उस पार्टी के नेता इन्हें संरक्षण देते हैं और इन्हें वोटर ID बनवाके देते हैं। एक बंगादेशी से बात करने पर पता चला की उन्हें वोटर ID देश की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार दिलवा रही है। जहाँ इनकी आबादी ज्यादा हो जाती हैं वहां यह मुस्लिम आतंकवादियों को पनाह देते हैं। इंडिया में बम विस्फोट करने वालों को मदद देते हैं, हिन्दु विरोधी दंगे करते हैं, गुनाह कर के यह लोग वापिस बंगलादेसह भाग जाते हैं , यह बांग्लादेशी हे भारत के मओवादियो को मदद करते हैं। इनकी मदद से रोज 20,000 गाय बांग्लादेश काटने के लिए भेजी जाती हैं।
चिकन नैक एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा है जो भारत को नार्थ ईस्ट से जोरता है। बांग्लादेश से भेजे जा रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये जो अब असम और वेस्ट बंगाल में बस गए हैं, जिस दिन वोह इस चिकन नैक को भारत से तोर देंगे, नार्थ ईस्ट से हमरा संपर्क टूट जायेगा और एक भी हिन्दू का वहां से इंडिया आना नामुनकिन हो जायेगा। 3000 बांग्लादेशी आतंकवादियों का स्लीपर सेल अभी भारत मैं है, जब 11 आतंकवादी 9/11 जैसे घटना कर सकते हैं तो 3000 कितना नुक्सान पहुंचाएंगे यह सोचना भयंकर है।
Subscribe to:
Posts (Atom)


In AD 1193 Muslim Invaders under Bhaktiyar Khalji Khajli captured it . He asked is there a Kuran here ?. Thousands of monks were burned alive and beheaded as he uprooted Buddhism and planted ISLAM by sword
"Smoke from the burning manuscripts hung for days like a dark pall over the low hills "
इस्लाम के इतिहास का सबसे बड़ा अपराध था नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करना । नालंदा विश्व का सबसे पुरातन ज्ञान का केन्द्र था । बुद्धिमत्ता एवं दर्शनशास्त्र की जननी थी नालंदा । बौद्ध धर्म का केन्द्र । संस्कृति और प्रगतिशील विचार यहाँ पनपते थे , पूर्व और पश्चिम के लोगों का अभिमान थी नालंदा ।
बुद्ध, महावीर , कौटिल्य और पान्निनी यहाँ पढाते थे । इसकी स्थापना इसा पूर्व में हुई थी ; यहाँ प्रत्येक प्रकार के पाठ्यक्रम थे - विज्ञान , गणित , खगोल , चकित्सा , तर्क , योग, वेद शास्त्र तथा अन्य विदेशी शिक्षाएं जिसे पढने समंदर पार से विद्यार्थी आते थे जैसे यूनान , जापान , चीन , तिब्बत ,कोरिया , तुर्की , ईरान इत्यादि
वास्तुकला का अत्क्रुष्ट नमूना जिसमें १ विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए रहने की लिए जगह थी , १ मंदिर , ध्यान के लिए कक्ष ,कक्षाएं, नदी एवं बगीचे ...पुस्तकालय ७ मंजिला ईमारत में था , जहाँ पाठ्य पुस्तकें तैयार होती थीं ।
में मुस्लिम आक्रमणकारी बख्तियार खल्जी ने इस पे कब्ज़ा कर लिया और पुछा "क्या यहाँ कुरान की प्रति है ?"
भिक्षुओं का सर काट दिया गया अथवा उन्हें जिन्दा जला दिया गया । बौद्ध धर्म को मिटा कर इस्लाम को तलवार के जोर से स्थापित किया गया ।
बेचारे बौद्ध भिक्षुओं ने ऐसा क्या किया था जिस की उन्हें ऐसे सजा मिली ?
पूरे विश्वविद्यालय को तोड़ दिया गया , हजारों साल पुराने ग्रंथों को जला दिया गया , महीनों तक यह विश्वविद्यालय जलता रहा ..संस्कृति कट्टरता और संकीर्णता के हाथों लूटी गयी थी ।